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Saturday, March 14, 2020
Chilman Katha : Politics Me Mauja Hi Mauja
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Chilman Katha : Politics Me Mauja Hi Mauja
(no title)
ऐ अब्रे करम जरा थम के बरस इतना न बरस कि वो आ न सके जब आ जाये तो जमके बरस और इतना बरस कि वो जा न सके। हमारी काकी की मोदी से मुहब्बत ओह....
लैला को ढूंढ़ने सभी मजनूं निकल पड़े
न प्रेम रहा न पत्र
ए दोस्त।दोस्ती का वास्ता।मुख न मोड़ना।आज उस गुरु को भी नमन करना, जिसने तेरा ताम्रपत्र यानी प्रेमपत्र पकड़ा था। प्रेम और पत्र दोनों चबा गए थे...