chilman
Sunday, February 23, 2020
लैला को ढूंढ़ने सभी मजनूं निकल पड़े
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Chilman Katha : Politics Me Mauja Hi Mauja
न प्रेम रहा न पत्र
ए दोस्त।दोस्ती का वास्ता।मुख न मोड़ना।आज उस गुरु को भी नमन करना, जिसने तेरा ताम्रपत्र यानी प्रेमपत्र पकड़ा था। प्रेम और पत्र दोनों चबा गए थे...
चल चिलमन घर अपने
सर सज्दे में झुकाए , कब तक रहोगे यार। दिल को सकून दिल से है , क्यों बहाये अशुअन की धार। तन-मन को धोने से दामन धूल ना जायेगा। चल चिलमन...
खेमागाह
खेमागाह में आप सबका ख़ैरमकदम है। आइये अपना तम्बू तानिए। डेरा डालिए।आगाज़-अंजाम के अंदेशे को धुएं में उड़ाते हुए जिसके अंधभक्त हैं, उसके धंधे...
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